अखिलेश यादव की DNA टेस्ट की मांग पर हंगामा

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अखिलेश यादव की DNA टेस्ट की मांग पर हंगामा

परिचय: अखिलेश यादव की विवादित मांग

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में अयोध्या गैंगरेप केस में आरोपियों के DNA टेस्ट की मांग कर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस मांग ने उत्तर प्रदेश में विभिन्न राजनीतिक पक्षों से तीव्र बहस और आलोचना का सामना किया है।

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अयोध्या गैंगरेप केस की जानकारी

30 जुलाई को अयोध्या पुलिस ने समाजवादी कार्यकर्ता मोईद खान और उनके कर्मचारी राजू खान को गिरफ्तार किया, जिन पर 12 वर्षीय लड़की का दो महीनों तक बलात्कार करने का आरोप है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब यह खुलासा हुआ कि यौन उत्पीड़न के कारण लड़की गर्भवती हो गई थी।

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अखिलेश यादव का बयान और इसके निहितार्थ

शनिवार को अखिलेश यादव ने X (पूर्व ट्विटर) पर आरोपियों के DNA टेस्ट की मांग की। उन्होंने कहा, “अपराध के मामलों में न्याय के लिए आरोपियों के DNA टेस्ट करवाए जाने चाहिए, केवल आरोप लगाने और राजनीति करने के बजाय।” यादव ने यह भी कहा कि जो दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कानून के अनुसार पूरी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन अगर आरोप गलत साबित होते हैं तो संबंधित सरकारी अधिकारियों को भी सजा मिलनी चाहिए।

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DNA टेस्ट की मांग पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

यादव के बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने तीखी आलोचना की। भाजपा ने समाजवादी पार्टी पर “बाल यौन उत्पीड़न” का बचाव करने का आरोप लगाया और इसे “लड़कों की आदत” का मानसिकता करार दिया। भाजपा के IT प्रमुख अमित मालवीया ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम समुदाय के प्रति पक्षपाती रवैया दिखा रही है और इस मामले में न्याय की जगह वोट बैंक को महत्व दे रही है।

भाजपा और अन्य पार्टियों की आलोचना

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यादव की आलोचना की, उन्हें वोट बैंक की रक्षा की कोशिश करने का आरोप लगाया। मौर्य ने कहा कि यादव का DNA टेस्ट की मांग पर ध्यान केंद्रित करना न्याय के बजाय एक विचलन है।

विपक्षी नेताओं की राय

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी यादव की DNA टेस्ट मांग पर टिप्पणी की, यह सवाल उठाते हुए कि पिछले समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान कितने आरोपियों के DNA टेस्ट हुए थे। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रलोभन की मांग करार दिया।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूंगो ने यादव की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने 2014 में मुलायम सिंह यादव के “लड़के गलती करते हैं” के बयान की याद दिलाई और यौन उत्पीड़न के मामलों में आरोपी लोगों का बचाव करने पर सवाल उठाया।

निष्कर्ष: अयोध्या केस का भविष्य

अखिलेश यादव द्वारा DNA टेस्ट की मांग ने अयोध्या गैंगरेप केस में एक नया मोड़ ला दिया है। जैसे-जैसे राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, ध्यान न्याय की दिशा में और इस दुखद घटना के चारों ओर जटिल राजनीतिक परिदृश्य को नेविगेट करने पर केंद्रित रहेगा।


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आख़िर तक मुख्य संपादक
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