भारत ने लद्दाख में चीन द्वारा नए काउंटियों की स्थापना का कड़ा विरोध किया

आख़िर तक
4 Min Read
भारत ने लद्दाख में चीन द्वारा नए काउंटियों की स्थापना का कड़ा विरोध किया

आख़िर तक – एक नज़र में

  • भारत ने लद्दाख में चीन के नए काउंटियों के निर्माण पर कड़ी आपत्ति जताई।
  • सरकार ने कूटनीतिक माध्यमों से चीन के इस कदम का पुरजोर विरोध किया है।
  • भारत ने चीन के इस अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है।
  • सीमा क्षेत्रों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर सरकार का ध्यान केंद्रित है।
  • भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।

आख़िर तक – विस्तृत समाचार

- विज्ञापन -

लद्दाख में चीन के अवैध कब्जे (China’s Illegal Occupation) को भारत ने कभी स्वीकार नहीं किया। सरकार ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि भारत ने चीन द्वारा “भारतीय क्षेत्र के अवैध कब्जे” को कभी नहीं माना।

चीन की नई काउंटियों का निर्माण

- विज्ञापन -

सरकार को पता है कि चीन ने होटन प्रान्त में दो नए काउंटियों की स्थापना की है, जिनका कुछ हिस्सा लद्दाख में पड़ता है। भारत ने राजनयिक माध्यमों से इस पर गंभीर विरोध दर्ज कराया है। मंत्री ने कहा कि इन नए काउंटियों के निर्माण से भारत की संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही चीन के अवैध कब्जे को वैधता मिलेगी।

भारत का विरोध

- विज्ञापन -

मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या सरकार को “चीन द्वारा होटन प्रान्त में दो नए काउंटियों की स्थापना की जानकारी है, जिसमें लद्दाख में भारतीय क्षेत्र शामिल है”, यदि ऐसा है, तो इस मुद्दे को हल करने के लिए सरकार द्वारा क्या रणनीतिक और राजनयिक उपाय किए गए हैं।

मंत्री ने इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, “भारत सरकार को चीनी पक्ष द्वारा चीन के होटन प्रान्त में तथाकथित दो नए काउंटियों की स्थापना से संबंधित घोषणा की जानकारी है। इन तथाकथित काउंटियों के अधिकार क्षेत्र का कुछ हिस्सा भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आता है।”

सीमा क्षेत्रों का विकास

सरकार सीमा क्षेत्रों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि इन क्षेत्रों का आर्थिक विकास हो सके और भारत की रणनीतिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। मंत्री ने कहा कि सरकार भारत की सुरक्षा पर असर डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रही है और अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। लद्दाख में चीन का बढ़ता प्रभाव चिंता का विषय है। सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है। भारत ने हमेशा अपनी सीमाओं की रक्षा की है। चीन के साथ बातचीत जारी है। सरकार इस मामले में पूरी तरह से सतर्क है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भारत की भूमि सुरक्षित रहे।

आख़िर तक – याद रखने योग्य बातें

  • भारत ने लद्दाख में चीन के नए काउंटियों के निर्माण का विरोध किया है।
  • चीन के इस कदम को भारत ने अवैध कब्जा करार दिया है।
  • सरकार सीमा क्षेत्रों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
  • भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
  • राजनयिक माध्यमों से चीन के साथ विरोध दर्ज कराया गया है।

Discover more from पाएं देश और दुनिया की ताजा खबरें

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

author avatar
आख़िर तक मुख्य संपादक
Share This Article
Leave a Comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य स्मार्टफोन की जासूसी से बचें