एलओसी घुसपैठ: कृष्णा घाटी में सेना ने नाकाम की कोशिश

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एलओसी घुसपैठ: कृष्णा घाटी में सेना ने नाकाम की कोशिश

आख़िर तक – एक नज़र में

  • भारतीय सेना ने पुंछ जिले के कृष्णा घाटी में एक बड़ी एलओसी घुसपैठ की कोशिश को सफलतापूर्वक विफल कर दिया।
  • पाकिस्तानी सेना द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन के बाद हुई जवाबी कार्रवाई में 4-5 घुसपैठिए मारे गए।
  • यह घटना जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हुई, जहाँ घुसपैठिए सीमा पार करने का प्रयास कर रहे थे।
  • हाल के महीनों में यह पहली बार है जब सेना ने पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन की पुष्टि की है।
  • पिछले दो महीनों में दक्षिणी पीर पंजाल क्षेत्र में एलओसी पर सीमा पार से गोलीबारी की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है।

आख़िर तक – विस्तृत समाचार

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परिचय: कृष्णा घाटी में एलओसी घुसपैठ का प्रयास विफल

भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। सेना ने कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से की गई एक बड़ी एलओसी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। मंगलवार को हुई इस घटना में पाकिस्तानी सेना और घुसपैठियों ने भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास किया। भारतीय जवानों ने तुरंत और प्रभावी जवाबी कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में 4 से 5 घुसपैठिए मारे गए। यह घटना सीमा सुरक्षा पर बढ़ते तनाव को दर्शाती है।

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घटना का विवरण और जवाबी कार्रवाई

मंगलवार को, पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों के एक समूह ने कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पार करने का प्रयास किया। उन्होंने भारतीय चौकियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। यह 2021 के संघर्ष विराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन था। भारतीय सेना के सतर्क जवानों ने इस हमले का तुरंत जवाब दिया। उन्होंने घुसपैठियों पर भारी गोलीबारी की। सूत्रों ने बताया कि इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी पक्ष को भारी नुकसान हुआ। अनुमान है कि 4-5 घुसपैठिए मारे गए हैं। सेना ने घुसपैठ के इस प्रयास को पूरी तरह विफल कर दिया। भारतीय पक्ष में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। पूरे दिन रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही। भारतीय सेना कृष्णा घाटी क्षेत्र में पूरी तरह से तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है।

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आधिकारिक पुष्टि और पूर्व की घटनाएँ

भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर इस घुसपैठ प्रयास को विफल करने की पुष्टि की है। यह हाल के महीनों में पहली बार है जब सेना ने पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन की बात स्वीकार की है। इससे पहले, इसी साल फरवरी में भी कृष्णा घाटी सेक्टर में सीमा पार से गोलीबारी की ऐसी ही घटनाएं सामने आई थीं। रक्षा प्रवक्ता ने एक संबंधित घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, “1 अप्रैल को, कृष्णा घाटी सेक्टर में एलओसी के पार पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ के कारण एक माइन ब्लास्ट हुआ था। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने अकारण गोलीबारी और संघर्ष विराम का उल्लंघन किया।” प्रवक्ता ने आगे कहा, “हमारे सैनिकों ने नियंत्रित और सधे हुए तरीके से प्रभावी ढंग से जवाब दिया। स्थिति नियंत्रण में है और इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है।”

एलओसी पर बढ़ता तनाव और संघर्ष विराम का उल्लंघन

पिछले दो महीनों में नियंत्रण रेखा पर तनाव काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से दक्षिणी पीर पंजाल क्षेत्र में सीमा पार से गोलीबारी की घटनाओं में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। इन घटनाओं में स्नाइपिंग, गोलीबारी और पाकिस्तान द्वारा बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) के प्रयास शामिल हैं। भारतीय सेना के सूत्रों का कहना है कि इन घटनाओं से स्थानीय स्तर पर तेजी से और प्रभावी ढंग से निपटा जा रहा है। पाकिस्तान लगातार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन कर रहा है। सेना सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के कृष्णा घाटी सेक्टर में घुसपैठ के कई असफल प्रयास किए हैं। इन प्रयासों में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। फरवरी के पहले सप्ताह में भी, पाकिस्तानी सैनिकों ने एलओसी पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी और विस्फोटकों का इस्तेमाल किया था। भारतीय सेना ने तब भी कड़ी जवाबी कार्रवाई की थी। भारत ने इस मुद्दे को पाकिस्तानी पक्ष के समक्ष उठाया भी है। इसके बावजूद सीमा पार से अशांति जारी है।

2021 संघर्ष विराम समझौते की पृष्ठभूमि

यह बढ़ता तनाव भारत और पाकिस्तान द्वारा फरवरी 2021 में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम समझौते की पुष्टि के लगभग चार साल बाद आया है। यह समझौता दोनों देशों के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों (DGMOs) के बीच हुआ था। इसका उद्देश्य एलओसी पर स्थिरता लाना और तनाव कम करना था। हालाँकि, हाल ही में संघर्ष विराम उल्लंघनों में वृद्धि, विशेषकर दक्षिणी पीर पंजाल क्षेत्र में, इस समझौते की नाजुकता पर गंभीर चिंताएँ पैदा करती है। यह एलओसी घुसपैठ की नवीनतम घटना इस चिंता को और बढ़ाती है।


आख़िर तक – याद रखने योग्य बातें

  • भारतीय सेना ने कृष्णा घाटी, पुंछ में एलओसी घुसपैठ की कोशिश नाकाम की।
  • जवाबी फायरिंग में पाकिस्तानी पक्ष के 4-5 घुसपैठिए मारे गए, भारतीय पक्ष सुरक्षित।
  • यह घटना पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन का ताजा मामला है।
  • हाल के महीनों में दक्षिणी पीर पंजाल में एलओसी पर गोलीबारी और BAT प्रयास बढ़े हैं।
  • फरवरी 2021 के संघर्ष विराम समझौते के बावजूद पाकिस्तान लगातार उल्लंघन कर रहा है।

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आख़िर तक मुख्य संपादक
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