आख़िर तक – एक नज़र में
- RJD ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को वक्फ बिल समर्थन पर ‘चीटीश कुमार’ कहा।
- पार्टी ने नीतीश कुमार की RSS पोशाक में फोटोशॉप्ड तस्वीर साझा की।
- वक्फ बिल पर जदयू के रुख से नाराज होकर पार्टी के तीन मुस्लिम नेताओं ने इस्तीफा दे दिया।
- इस बिल में जदयू और टीडीपी का समर्थन महत्वपूर्ण था।
- यह घटनाक्रम बिहार चुनाव से पहले जदयू के लिए झटका माना जा रहा है।
आख़िर तक – विस्तृत समाचार
नीतीश कुमार पर RJD का ‘चीटीश कुमार’ तंज
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। RJD ने वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन को लेकर नीतीश कुमार को “चीटीश कुमार” करार दिया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक फोटोशॉप्ड तस्वीर भी साझा की। इसमें नीतीश कुमार को आरएसएस कार्यकर्ता के रूप में दिखाया गया है। यह हमला शुक्रवार को संसद द्वारा वक्फ बिल पारित किए जाने के बाद हुआ है। इस बिल को नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) यानि जदयू का समर्थन मिला था।
RSS पोशाक वाली तस्वीर और आरोप
RJD द्वारा साझा की गई तस्वीर में नीतीश कुमार को आरएसएस की ट्रेडमार्क सफेद शर्ट और खाकी शॉर्ट्स पहने दिखाया गया है। बिहार की विपक्षी पार्टी ने तस्वीर के कैप्शन में लिखा: ‘RSS-प्रमाणित मुख्यमंत्री चीटीश कुमार’। इस पोस्ट के जरिए RJD ने नीतीश कुमार की धर्मनिरपेक्ष छवि पर सवाल उठाया है। पार्टी यह दर्शाने की कोशिश कर रही है कि बिल पर भाजपा का साथ देकर जदयू प्रमुख आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित हो गए हैं।
वक्फ बिल और जदयू का समर्थन
वक्फ बिल सरकार की भूमिका का विस्तार करता है। यह वक्फ संपत्ति के नियमन और संबंधित विवादों के निपटारे में सरकार को अधिक अधिकार देता है। इस बिल के पारित होने में जदयू और टीडीपी का समर्थन महत्वपूर्ण था। लोकसभा में जदयू के 12 और टीडीपी के 16 सांसद हैं। उनके समर्थन के बिना बिल पास होना मुश्किल था।
जदयू में असंतोष और इस्तीफे
वक्फ बिल के पारित होने से जदयू के भीतर मुस्लिम नेताओं में असंतोष पैदा हो गया है। पार्टी के समर्थन के विरोध में अब तक तीन नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें मोहम्मद कासिम अंसारी, मोहम्मद शाहनवाज मलिक और मोहम्मद तबरेज सिद्दीकी शामिल हैं। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
पार्टी प्रवक्ता का बचाव और अन्य नेताओं की आलोचना
हालांकि, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इन इस्तीफों को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि न तो कासिम अंसारी और न ही शाहनवाज मलिक “हमारे रैंक और फाइल” का हिस्सा थे। दूसरी ओर, कई अन्य मुस्लिम नेताओं ने बिल पर नीतीश कुमार के समर्थन पर सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त किया है। आलोचना करने वालों में वरिष्ठ नेता गुलाम गौस और पूर्व राज्यसभा सांसद गुलाम रसूल बलियावी शामिल हैं। उनकी नाराजगी पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
कानूनी चुनौती और चुनावी समीकरण
बिहार के कुछ मुस्लिम नेताओं ने संकेत दिया है कि वे वक्फ बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। यह मामला कानूनी पचड़े में भी फंस सकता है। गौरतलब है कि बिहार की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी करीब 17% है। जदयू को परंपरागत रूप से इस समुदाय का समर्थन मिलता रहा है। इसी साल नवंबर में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में वक्फ बिल पर पार्टी का रुख और उसके बाद के इस्तीफे चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
आख़िर तक – याद रखने योग्य बातें
- RJD ने नीतीश कुमार को वक्फ बिल समर्थन पर “चीटीश कुमार” कहा और RSS पोशाक में दिखाया।
- जदयू और टीडीपी के समर्थन से वक्फ बिल संसद में पारित हुआ।
- बिल के विरोध में जदयू के तीन मुस्लिम नेताओं ने इस्तीफा दिया: अंसारी, मलिक, सिद्दीकी।
- जदयू के अन्य नेता गुलाम गौस और बलियावी ने भी पार्टी के रुख की आलोचना की।
- यह घटनाक्रम नवंबर में होने वाले बिहार चुनाव से पहले जदयू के लिए चिंताजनक है।
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