स्वतंत्रता दिवस 2024: पीएम मोदी का ‘विकसित भारत’ का सपना

आख़िर तक
4 Min Read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2024 को ऐतिहासिक लाल किले से अपने 11वें लगातार स्वतंत्रता दिवस भाषण में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। यह सपना 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक संकल्प और सपनों का प्रतीक है।

अपने संबोधन में, पीएम मोदी ने उन लोगों के संकल्प की तुलना की, जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष किया, और वर्तमान पीढ़ी की क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अगर 40 करोड़ लोग औपनिवेशिक शासन से आज़ादी प्राप्त कर सकते हैं, तो 140 करोड़ नागरिकों का संकल्प भारत को अप्रत्याशित ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

- विज्ञापन -

पीएम मोदी का भाषण आशावाद और कार्रवाई के आह्वान से भरा हुआ था, जिसमें राष्ट्रीय एकता और सामूहिक प्रयास के महत्व को रेखांकित किया गया। उन्होंने बताया कि भारत का हर जिला अपने स्थानीय उत्पादों पर गर्व कर रहा है, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसे अभियानों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को बहुत बल दिया है।

प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने उन लोगों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की जिन्होंने नुकसान झेला है और आश्वासन दिया कि सरकार इन कठिन समय में दृढ़ता से प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है।

- विज्ञापन -

समारोह की मुख्य बातें:

  • राष्ट्रीय ध्वज का फहराना: पीएम मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराकर समारोह की शुरुआत की।
  • गार्ड ऑफ ऑनर: समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की अनुशासन और समर्पण को दर्शाने वाली गार्ड ऑफ ऑनर शामिल थी।
  • 21 तोपों की सलामी: राष्ट्र के प्रति सम्मान और सम्मान के प्रतीक के रूप में 21 तोपों की सलामी दी गई।
  • वायु सेना की श्रद्धांजलि: भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा की, जिससे समारोह में देशभक्ति का माहौल पैदा हो गया।

इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस का थीम ‘विकसित भारत @ 2047’ सरकार के अगले दो दशकों में भारत को विकसित करने के दृष्टिकोण को दर्शाता है। समारोह में लगभग 6,000 विशेष अतिथि भी शामिल थे, जिनमें विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी शामिल थे, जो मौजूदा प्रशासन के समावेशी दृष्टिकोण को उजागर करते हैं।

- विज्ञापन -

पीएम मोदी के भाषण के प्रमुख बिंदु:

  • 2047 का लक्ष्य: पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ‘विकसित भारत’ का सपना केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सभी भारतीयों की सामूहिक महत्वाकांक्षा है।
  • ‘वोकल फॉर लोकल’ का समर्थन: प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल की सफलता को दोहराया, जिसने पूरे भारत में स्थानीय उद्योगों को पुनर्जीवित किया है।
  • प्राकृतिक आपदाएं: पीएम मोदी ने हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं के कारण उत्पन्न चुनौतियों का जिक्र किया और प्रभावित लोगों को समर्थन और एकजुटता का आश्वासन दिया।

पीएम मोदी का स्वतंत्रता दिवस भाषण न केवल राष्ट्र की प्रगति का प्रतिबिंब था, बल्कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकता और दृढ़ संकल्प का आह्वान भी था।


Discover more from पाएं देश और दुनिया की ताजा खबरें

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

author avatar
आख़िर तक मुख्य संपादक
Share This Article
Leave a Comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य स्मार्टफोन की जासूसी से बचें