आख़िर तक – एक नज़र में
- वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय स्टार्टअप्स की आलोचना की।
- उन्होंने फूड डिलीवरी और गेमिंग पर अत्यधिक फोकस पर सवाल उठाए।
- पीयूष गोयल ने चीन की तरह डीप-टेक, AI, सेमीकंडक्टर पर ध्यान देने का आग्रह किया।
- उन्होंने पूछा, “क्या हमें सिर्फ डिलीवरी बॉय बनना है? दुकानदारी ही करनी है?”
- जेप्टो सीईओ और मोहनदास पई जैसे उद्योग नेताओं ने पीयूष गोयल की टिप्पणियों की आलोचना की।
आख़िर तक – विस्तृत समाचार
पीयूष गोयल ने स्टार्टअप इकोसिस्टम पर उठाए सवाल
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम पर तीखी टिप्पणी की है। गुरुवार को स्टार्टअप महाकुंभ में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि कई भारतीय स्टार्टअप्स फूड डिलीवरी और बेटिंग ऐप्स पर अटके हुए हैं। उन्होंने स्टार्टअप्स से अपना ध्यान बदलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चीन के स्टार्टअप्स EV, बैटरी टेक, सेमीकंडक्टर और AI जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। पीयूष गोयल का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है।
फूड डिलीवरी और गिग इकॉनमी पर चिंता
पीयूष गोयल ने सवाल किया कि क्या देश कम वेतन वाली गिग नौकरियों से ही संतुष्ट है। क्या हम तकनीकी प्रगति के लिए प्रयास नहीं कर रहे हैं? उन्होंने पूछा, “क्या हमें आइसक्रीम या चिप्स ही बनाने हैं? दुकानदारी ही करना है?” मंत्री ने कहा, “क्या हम डिलीवरी बॉय और गर्ल बनकर खुश रहेंगे? क्या यही भारत की नियति है… यह स्टार्टअप नहीं, यह उद्यमशीलता है।” उन्होंने कहा कि भारत के स्टार्टअप्स बेरोजगार युवाओं को सस्ते श्रम में बदल रहे हैं। ताकि अमीर लोग घर बैठे खाना मंगा सकें।
डीप-टेक की कमी और भविष्य की तैयारी
वाणिज्य मंत्री ने ई-कॉमर्स से आगे बढ़कर इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। पीयूष गोयल ने बताया कि भारत में डीप-टेक स्टार्टअप्स की संख्या बहुत कम है। उन्होंने कहा, “भारत के डीप-टेक क्षेत्र में केवल 1,000 स्टार्टअप्स होना एक चिंताजनक स्थिति है।” उन्होंने जोर दिया कि नए स्टार्टअप्स को देश को भविष्य के लिए तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि कई बार युवा स्टार्टअप्स के अच्छे आइडिया विदेशी कंपनियों को सस्ते में बेच दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे दुख होता है जब पता चलता है कि 25 लाख या 50 लाख रुपये के लिए एक युवा स्टार्टअप का उज्ज्वल आइडिया विदेशी कंपनी को बेच दिया गया।” सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब है। यहां 1.57 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं।
उद्योग जगत की तीखी प्रतिक्रिया
पीयूष गोयल की टिप्पणियों पर उद्योग जगत से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। ज़ेप्टो के सीईओ आदित पालिचा और इंफोसिस के पूर्व कार्यकारी मोहनदास पई ने मंत्री के बयान की आलोचना की है। पालिचा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार को “स्थानीय चैंपियन” बनाने का समर्थन करना चाहिए। उन्हें “तकनीकी क्रांतियों” लाने वाली टीमों को हतोत्साहित नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता इंटरनेट स्टार्टअप्स की आलोचना करना और अमेरिका या चीन से तुलना करना आसान है।
मोहनदास पई ने उठाए सवाल
मोहनदास पई ने कहा कि मंत्री को भारतीय स्टार्टअप्स को कम आंकना नहीं चाहिए। उन्होंने डीप-टेक स्टार्टअप्स की वृद्धि में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। पई ने ट्वीट किया, “यह बुरी तुलना है। पीयूष गोयल को हमारे स्टार्टअप्स को छोटा नहीं समझना चाहिए।” उन्होंने पूछा कि मंत्री ने डीप-टेक स्टार्टअप्स को भारत में बढ़ने में मदद करने के लिए क्या किया है? पई ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि स्टार्टअप्स को कई सालों तक एंजेल टैक्स से परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि एंडोमेंट्स और बीमा कंपनियों को निवेश की अनुमति नहीं है, जबकि वे विश्व स्तर पर करते हैं। आरबीआई भी विदेशी निवेशकों को प्रेषण पर परेशान करता है।
आख़िर तक – याद रखने योग्य बातें
- वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय स्टार्टअप्स को फूड डिलीवरी छोड़कर डीप-टेक पर फोकस करने को कहा।
- उन्होंने चीन के स्टार्टअप्स का उदाहरण दिया जो AI और सेमीकंडक्टर पर काम कर रहे हैं।
- पीयूष गोयल ने कम वेतन वाली गिग नौकरियों और “दुकानदारी” मानसिकता पर चिंता जताई।
- भारत में डीप-टेक स्टार्टअप्स की कम संख्या (सिर्फ 1000) को चिंताजनक बताया।
- आदित पालिचा और मोहनदास पई जैसे उद्योग नेताओं ने एंजेल टैक्स और सरकारी समर्थन पर सवाल उठाते हुए पीयूष गोयल की आलोचना की।
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